Jyotish Class -8 nakshtara prichayJyotish Class -8 nakshtara prichay

आज कि इस ज्योतिष कक्षा – 8 में हम नक्षत्र परिचय के अंतर्गत नक्षत्रो के वृक्ष, नक्षत्रो कि आकृति एवं मूल नक्षत्र कि पहचान एवं पौराणिक महत्व के बारे में जानेंगे।

नक्षत्रों के वृक्ष ।

प्राचीन काल से हमारे मनीषियों ने आकाश तारों कि पहचान करके उनका नामकरण करके उनको भचक्र मे विभाजन करके उनके क्षेत्र सुनिश्चित कर दिया था। जिससे में चंद्रमा के यात्रा पथ को 27 भागों में विभाजित किया है। हर सत्ताईसवें भाग में पड़ने वाले ‘तारामंडल’ के बीच कुछ विशिष्ट तारों की पहचान कर उन्हें नक्षत्रों की संज्ञा दी है। इस प्रकार नवग्रह तथा 27 नक्षत्रों की पहचान की है।

अपने जन्म-नक्षत्र वृक्ष के फल सेवन नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में जन्म नक्षत्र वृक्ष को जल देने के लिए कहा गया है। अपने जन्मदिन पर एक वृक्ष जरूर लगाएं।

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यात्रा मे नक्षत्र विचार।