सामान्य कर्म के लिए मुहूर्त।

लग्न शुद्धि ,चंद्रमा शुद्धि ।

चंद्रमा 6 8 12 भाव में ना हो।

लग्न उत्तम स्थिति में हो कार्य करने वाले का उत्साह भी अच्छा हो।

जन्म राशि व लग्न राशि से तीसरा, छठा,दसवां, ग्यारहवां इन भावों में शुभ ग्रह होकर लग्न को देखता हो चंद्रमा लग्न से तीसरे, छठे, दसवें, ग्यारहवें भाव में स्थित हो तो कार्य सफल होता है।

चंद्रमा तथा लग्नेश कुंडली में इन दोनों की स्थिति अच्छी होनी चाहिए।