व्यसन वर्जित मुहूर्त।

व्यसन वर्जित मुहूर्त का प्रयोजन वैसे तो सनातन संस्कृति में मांसाहार भोजन सर्वदा वर्जित किया गया है। पाप माना गया है लेकिन कुछ मूर्ख भोजन श्रंखला में मांस का भक्षण करते हैं।

शास्त्रानुसार कुछ दिन निषेध करने के लिए कहा गया है। जिससे रोगों से बचा जा सके।

 अष्टमी,एकादशी, द्वादशी, चतुर्दशी, पुर्णिमा , अमावस्या, संक्रांति दिवस,,श्राद्ध, श्रावणमास,तथा विशेष पर्व पर मांस भक्षण  तथा मदिरा पान निषेध होता हैं।

यह एक वैज्ञानिक कारणों से भी जुड़ा है जो व्यक्ति इन दिनों मांस,मदिरा ,स्त्री रमण  करता है वह चांडाल योनि को प्राप्त करता है।