नव देवालय निर्माण मुहूर्त ।

१ भूमि शयन अवस्था विचार:-

२ मास विचार :-

३ चन्द्रमा विचार :-

४ लग्न शुद्धि :-

५ वार विचार :-

६ तिथि विचार :-

७ भद्रा विचार :-

८ नींव दिशा विचार :-

९ वृषभ चक्र विचार:-

१० नव निर्माण मे सूर्य संक्रांति विचार:-

११ देवालयारंभ आरम्भ मे आयु विचार:-

१२ ग्रह अस्तोदय विचार :-

नव निर्माण भवन को शुरू करने से पहले मुहूर्त के इन मुख्य बिंदुओं पर विचार करें।