नृत्य तथा संगीत सिखने का मुहूर्त।

 

चंद्रमा विचार :- स्वयं कि राशि से चंद्रमा चौथा छठा आठवां बारहवां नहीं होना चाहिए।

शुभ नक्षत्र:- पुष्य,उत्तराफाल्गुनी, हस्त,अनुराधा, ज्येष्ठा, उत्तराषाढ़ा, घनिष्टा, उत्तराभाद्रपद, रेवती ये शुभ नक्षत्र हैं।

तिथि विचार:- चतुर्थी नवमी चतुर्दशी श्राद्ध पक्ष होलाष्ठ निषेध है।

वार विचार :- सोमवार बुधवार बृहस्पतिवार शुक्रवार रविवार।

चंद्रमा तथा लग्न शुद्धि परम आवश्यक है।

चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में विशेष लाभकारी।