पशु खरीदने बेचने तथा पशु श्रृंगार मुहूर्त ।

शुभ नक्षत्र:- अश्वनी ,मृगशिरा ,आर्द्रा ,पुनर्वसु,पुष्य, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त,ज्येष्ठा,पूर्वा षाढ़ा, घनिष्ठा,शतभिषा ,पूर्व भाद्रपदा ।

और रेवती ।

विशेष निषेध नक्षत्र :-श्रवण ,चित्रा, ध्रुव संज्ञक (उत्तराफाल्गुनी, उत्तरा षाढ़ा , उत्तरा भाद्रपद,रोहिणी) विशेष वर्जित नक्षत्र है ।ना ही खरीदना चाहिए और ना ही बेचना चाहिए । अशुभ फल प्राप्त होता हैं।

शुभ वार:- बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, रविवार।
वर्जित वार :- सोमवार , मंगलवार और शनिवार वर्जित है।अशुभ फल प्राप्त होता हैं।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।

पशु विशेष के लिए खरीद का मुहूर्त

हाथी खरिदने का मुहूर्त:-
शुभ नक्षत्र :-अश्विनी,पुष्य, पुनर्वसु,हस्त, चित्रा स्वाति
शुभ वार:- बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, रविवार।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।

घोड़े खरिदने का मुहूर्त:-

शुभ नक्षत्र :-अश्वनी, मृगशिरा ,पुनर्वसु, पुष्य, हस्त स्वाति,घनिष्ठा,शतभिषा, रेवती।
शुभ वार:- बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार, रविवार।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।

गाय खरीदने का मुहूर्त: –

शुभ नक्षत्र:- भरणी ,कृत्तिका ,रोहिणी ,मृगशिरा ,आर्द्रा ,आश्लेषा ,मघा ,पूर्वाफाल्गुनी ,उत्तराफाल्गुनी ,चित्रा ,
स्वाति ,
अनुराधा ,
मूल ,
पूर्वाषाढा ,
उत्तराषाढा ,
श्रवण,पूर्वाभाद्रपद ,
उत्तरा-भाद्रपद ।

वर्जित नक्षत्र:-
ज्येष्ठा, घनिष्ठा, हस्त, विशाखा, पुष्य, शतभिषा ,पुनर्वसु, अश्वनी, रेवती इन नक्षत्रों को छोड़कर बाकी सब में गाय खरीदना शुभ माना जाता है।

शुभ वार:- सोमवार ,मंगल और शनिवार वर्जित है।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।

इन मुहूर्तों के अलावा योनि चक्र देखकर भी पशु को खरीद बेच सकते हैं।

28 नक्षत्रों के अनुसार 14 योनियों बनती हैं। व्यक्ति अपने नाम अक्षर के अनुसार योनी का पता लगाकर मित्र योनि में पशु खरीद बेच सकता है।पशु खरिदते समय गोचर में जो नक्षत्र है उसकी योनि मित्र योनी का पशु खरिद सकते है।

नक्षत्र। योनि

अश्विनी, शतभिषा। अश्व।(घोड़ा)

भरणी,रेवती। गज।(हाथी)

कृत्तिका, पुष्य । मेष ।(भेड़)

रोहिणी, मृगशिरा। सर्प।(सांप)

आर्द्रा,मूल।। श्ववान (भेड़िया)

पुनर्वसु, आश्लेषा। मार्जार

मघा, पूर्वाफाल्गुनी ।। मूषक (चूहा )

उत्तराफाल्गुनी, उत्तरा भाद्रपद। गौ। (गाय)

हस्त,स्वाति । महिष ( भैंस)

चित्रा, विशाखा । व्याघ्र

अनुराधा, ज्येष्ठा। मृग (हिरण)

पूर्वाषाढा , श्रवण।। वानर (बंदर)

उत्तराषाढा , अभिजीत। नकुल

धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद । सिंह (शेर)

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पशु श्रृंगार मुहूर्त:-

पशुओं का श्रृंगार उनके उत्साह वर्धन में बहुत सहायक होता है।शादी समारोह में शामिल होने वाली घोड़ी के लिए मुहूर्त कि आवश्यकता नहीं होती। जो पशु मंदिर परिसर में रहते हैं और उनका श्रृंगार पुजा पद्धति के अनुसार किया जाता है उनके लिए भी मुहूर्त देखना अनिवार्य नहीं है।

गाय श्रृंगार मुहूर्त : –

शुभ नक्षत्र:- भरणी ,कृत्तिका ,रोहिणी ,मृगशिरा ,आर्द्रा ,आश्लेषा ,मघा ,पूर्वाफाल्गुनी ,उत्तराफाल्गुनी ,चित्रा ,
स्वाति ,
अनुराधा ,
मूल ,
पूर्वाषाढा ,
उत्तराषाढा ,
श्रवण,पूर्वाभाद्रपद ,
उत्तरा-भाद्रपद ।

शुभ वार:- सोमवार ,मंगल और शनिवार वर्जित है।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।

हाथी श्रृंगार मुहूर्त:-

अश्विनी,पुष्य, पुनर्वसु,हस्त, चित्रा स्वाति ।
शुभ वार:- सोमवार ,मंगल और शनिवार वर्जित है।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।

घोड़े श्रृंगार मुहूर्त:-

अश्वनी, मृगशिरा ,पुनर्वसु, पुष्य, हस्त स्वाति,घनिष्ठा,शतभिषा और रेवती ।
शुभ वार:-सोमवार ,मंगल और शनिवार वर्जित है।
शुभ तिथि:- रिक्ता तिथि (4,9,14)अमावस्या तथा अष्टमी वर्जित है।