शिल्प कारीगरी सिखने का मुहूर्त।

  शिल्प कारीगरी,तकनीकी कारीगरी, मशीनरी मिस्त्री, नाई-बाल कटिंग,  बढ़ई का काम (लकडि) ,राज मिस्त्री, बिजली उपकरण,मोबाइल, कमप्युटर, सुनार,लौहार, (किसी भी तरह के उपकरणों को संवारने के लिए)  सिखने का मुहूर्त।

स्थिर लग्न शुभ फल दायी हैं। गुरूजी को प्रणाम करके शुरुआत करे।

चंद्रमा विचार :- स्वयं कि राशि से चंद्रमा चौथा छठा आठवां बारहवां नहीं होना चाहिए।

शुभ नक्षत्र :- अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तराफाल्गुनी, हस्त,चित्रा, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण,घनिष्टा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती आदि शुभ नक्षत्र है।

जन्म नक्षत्र को छोड़कर।

गुरु, शुक्र, अस्त नही होने चाहिए।

वार विचार :- सोमवार बुधवार बृहस्पतिवार शुक्रवार रविवार।

तिथि विचार:- चतुर्थी नवमी चतुर्दशी तिथि होलाष्ठ श्राद्ध पक्ष निषेध है।