नाव बनाने तथा पानी में उतारने का मुहूर्त।

चंद्रमा विचार :- स्वयं कि राशि से चंद्रमा चौथा छठा आठवां बारहवां नहीं होना चाहिए।

शुभ नक्षत्र :- अश्विनी,मृगशिरा,पुनर्वसु,पुष्य, आश्लेषा, हस्त,चित्रा, अनुराधा, धनिष्टा, शतभिषा, रेवती।

तिथि विचार:- चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी तिथि होलाष्ठ, श्राद्ध निषेध है।

वार विचार। सोमवार बुधवार बृहस्पतिवार शुक्रवार रविवार।

नोका बनाते समय गुरू,शुक्र अस्त नही होने चाहिए।

नोका मे माल ढोते समय चर लग्न शुभ रहता है। लग्नेश बलवान होना चाहिए।

नौका नक्षत्र चक्र ।

तृतीय, षष्ठ, एकादश इन स्थानों में सुर्य,चंद्र, मंगल,शनि शुभ फलदायी होता है।

सूर्य नक्षत्र से दिन नक्षत्र लिखने का क्रम:-

ऊपर भाग पर छः नक्षत्र,

हृदय पर तीन नक्षत्र,

तीन नक्षत्र  पीठ पर ,

एक नक्षत्र पार्श्व में ,

दो नक्षत्र शुक्राणु में,

तीन नक्षत्र  नोका के  मध्य जगह में ,

छः नक्षत्र नीचले हिस्से मे,

तिन पांव पर।

ऊपर और मध्य के नक्षत्र शुभ तथा अन्य स्थानों के अशुभ फलदायी हैं।