भुमिगत टंकी या कुंड बनाने का मुहूर्त।

सर्वप्रथम भूमि सोई हुई नहीं होनी चाहिए।

शुभ नक्षत्र:- रोहिणी,मृगशिरा,पुष्य,मघा ,उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा , उत्तराभाद्रपदा,हस्त,अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा ,धनिष्ठा,शतभिषा,रेवती।

चंद्रमा विचार:- स्वयं कि नाम राशि से चंद्रमा चौथा, छठा, आठवां, बारहवां नहीं होना चाहिए।
शुभ तिथि :- २,३,५,७,१०,१३।
वर्जित तिथि:- ४,९,१४, अमावस्या श्राद्धपक्ष होलाष्ठ।

शुभ वार:- सोमवार,बुधवार,गुरूवार,शुक्रवार,शनिवार।
वर्जित वार :- मंगलवार निषेध है।

भवन के निर्माण से पहले कुंड का निर्माण करें।

भुमिगत कुंड घर के कोनसे क्षेत्र में बनना चाहिए। ।linkभुमिगत निर्माण