व्यवसाय का नामकरण।

व्यवसाय के नाम का चुनाव।

व्यवसाय स्थल एक ऐसा संस्थान है जहां आप अपने मुनाफे के लिए लोगों कि जरूरत के अनुसार वस्तुओं की आपुर्ति करते हैं। जहां आप लोगों कि जरूरतों को पुरा करते हैं उसके बदले में लोग आपको पैसा देते हैं। व्यवसाय स्थल एक आस्था केंद्र भी होता है। जहा लोग अपनी इच्छाओं के अनुसार अपनी जरूरतों को पुरी करने आते हैं। इसका एक विशेष प्रभाव होता है ।

इस संसार में सभी कि पहचान किसी ना किसी नाम के अनुसार दी गई है,और नाम की एक ऊर्जा होती है , और उसी ऊर्जा के अनुसार वह अपने रिश्तों को इस संसार में स्थापित करता है। किसी भी व्यक्ति का नाम उसकी मुख्य पहचान होती है। और उसी पहचान के अनुसार वह संसार में अपनी पहचान को विकसित करता है। अगर उसके नाम कि ऊर्जा उसके व्यवसाय के नाम कि ऊर्जा के प्रति अनूकूल है तो वह पुरी क्षमता के साथ व्यवसाय पर कार्य करता है।अगर व्यवसाय के नाम कि ऊर्जा उसके नाम कि ऊर्जा के विपरीत प्रभाव वाली हो तो वह व्यक्ति व्यवसाय में अपनी ऊर्जा का प्रयोग उचित दिशा में नहीं कर पाता। इस संसार में प्रत्येक इकाई को एक नाम कि पहचान दी गई है। और वह नाम ही उसके भविष्य तथा वर्तमान कि स्थिति का निर्माण करता है।अपने व्यवसाय का नाम अपनी जन्मतिथि तथा अपने नाम के साकारात्मक प्रभावों को ध्यान में रखकर ही करें। अगर आप भी अपने व्यवसाय के नाम का आकलन अपने नाम के अनुसार करवाना चाहते हैं तो यह फार्म भरे