jyotish- class 13 - maas- prichayjyotish- class 13 - maas- prichay

चंद्रमा के एक राशिचक्र के भ्रमण कि अवधि को मास कहा गया है। चंद्र मास कि अवधि 27 दिन की होती है, सौर मास की अवधि 30 दिन की होती है ।

समय कि एक निश्चित ईकाई जो समय के रूप में एक निश्चित समय का आकलन करती है। उसे समयावधि कहा गया है। समय कि अवधि के अनुसार नाम निश्चित है। जैसे तिथि,वार, सप्ताह,मास, वर्ष आदि।

ऋग्वेद में चान्द्रमास और सौरवर्ष की चर्चा कई स्थानों पर आयी है। इससे स्पष्ट एवं सिद्ध होता है कि चान्द्र और सौर का समन्वय करने के लिए अधिमास की कल्पना ऋग्वेद के समय में प्रचलित थी। मास ४ प्रकार का होता है। चंद्रमास, सौरमास, सावन मास, नाक्षत्र मास आदि।

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सृष्टि निर्माण के देव विश्वकर्मा जी ।