ज्योतिष कक्षा – 5 करण परिचय ।
पंचांग का तीसरा अभिन्न अंग है करण। शुभ कार्य का समय सुनिश्चित करते समय करण का ध्यान रखा जाता है।…
पंचांग का तीसरा अभिन्न अंग है करण। शुभ कार्य का समय सुनिश्चित करते समय करण का ध्यान रखा जाता है।…
ज्योतिष कक्षा - 4 का महत्वपूर्ण बिंदु है पक्ष एवं तिथि। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले तिथि…
इस पाठ्यक्रम पंचांग शोधन विधि को सिखने के लिए तैयार किया गया है। इसके पाठ्यक्रम इस आधार पर के अंतर्गत…