अमृत सिद्धि योग – (विक्रमी संवत – २०८२)
ब्रह्मांड में सब चलायमान है और इसी भ्रमण मार्ग पर जब भ्रमण करते समय ग्रहों तथा नक्षत्रों के योग से…
ब्रह्मांड में सब चलायमान है और इसी भ्रमण मार्ग पर जब भ्रमण करते समय ग्रहों तथा नक्षत्रों के योग से…
सिद्ध योग ब्रह्मांड में ग्रहों की गतियों के अनुसार बनता है, जो कि कार्य सिद्ध करने में सहायक होता है।…