नवनिर्मित भवन का शुद्धिकरण ।
नवनिर्मित घर में शुद्धिकरण से अभिप्राय है कि जब भवन का निर्माण होता है तब निर्माण क्रिया के समय भवन निर्माण करने वाले कारीगर भी अर्ध निर्मित भवन में अपना भोजन और अपने जीवन से संबंधित सभी क्रियाएं वहां करते हैं। जबकि यह अनुचित है भवन निर्माण करते समय गृहस्थ आश्रम से संबंधित कोई भी क्रिया वहां नहीं होनी चाहिए।
लेकिन आज के परिवेश में यह संभव नहीं है भवन निर्माण के समय वहां अनावश्यक गंदगी एवं अनावश्यक व्यक्ति भी निर्माण स्थल में प्रवेश करते है।
जब आपका घर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाए मूलभूत सुविधाएं व्यवस्थित हो जाए उसके बाद में 10 दिन से 20 दिन तक गोमूत्र का छिड़काव करें गोमूत्र के छिड़काव से आपके घर की सभी ऊर्जाएं संचालित रूप में आ जाती है किसी कारण से निर्माण के समय जो ऊर्जा खंडित होती है वह पुन जागृत हो जाती है। यह शुद्धिकरण की क्रिया हवन करने से पहले की जाती है।
इस क्रिया में गाय कि छोटी बछ्छीया (गाय कि छोटी बच्ची) के मूत्र का प्रयोग करना चाहिए।