भुमि को पहचान कर उसकी त्रुटियों को दूर किया जाता है जिससे भुमि कि क्षमता लगातार बनी रहे।
1 पांच तत्वों का संतुलन ।
2 भूमि की पहचान करना ।
3 भूमि का घनत्व कैसा है।
4 शल्य – शोधन क्रिया।
भुमि को पहचान कर उसकी त्रुटियों को दूर किया जाता है जिससे भुमि कि क्षमता लगातार बनी रहे।
1 पांच तत्वों का संतुलन ।
2 भूमि की पहचान करना ।
3 भूमि का घनत्व कैसा है।
4 शल्य – शोधन क्रिया।