अमृत सिद्धि योग विक्रमी संवत २०८२ ( अप्रैल 2025 से मार्च 2026 )
ब्रह्मांड में सब चलायमान है और इसी भ्रमण मार्ग पर जब भ्रमण करते समय ग्रहों तथा नक्षत्रों के योग से विभिन्न स्थितियों का निर्माण होता है।
जब नक्षत्र अपनी परिक्रमा वार को ग्रहण में भ्रमण करता हैं । तो एक नई स्थिति का निर्माण होता है।
उसी प्रकार गोचर में जब सोमवार को श्रवण नक्षत्र हो तो वह योग अवधि अमृत समान होती है इस लिए इन विभिन्न वारों को इन नक्षत्रों के द्वारा भ्रमण करने पर अमृत सिद्धि योग कहा जाता हैं।
जब चंद्रवार अथवा सोमवार को श्रवण नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
जब भोम अथवा मंगलवार को अश्वविनी नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
जब बुधवार को अनुराधा नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
जब बृहस्पतिवार अथवा गुरुवार को पुष्य नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
जब शुक्रवार को रेवती नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
जब शनिवार को रोहिणी नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
जब रविवार को हस्त नक्षत्र हो तो अमृत सिद्धि योग कि स्थिति बनती है ।
शास्त्रों में अमृत सिद्धि योग में तपस्या तथा पुरूषार्थ के कार्यो को करने के लिए कहा गया ।
सोमश्रवण,भौमाऽश्विनि,बुधानुराधा,गुरुपुष्यामृत,शुक्ररेवति,शनिरोहिणी, रवि हस्त।
ज्योतिष शास्त्र में इस समयावधि को अमृत कहा गया है।
यह अमृत अवधि एक मुहूर्त का निर्माण करती है।इस अवधि में किए गए कार्य से सिद्धि प्राप्त होती है इस मुहूर्त का चयन तंत्र विद्या अथवा आयुर्वेद में औषधि तथा रसायन निर्माण के लिए किया जाता है।
विक्रम संवत 2082 में पढ़ने वाले सभी अमृत योगो की सारणी।
अप्रैल माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
16-4 -2025 को बुधानुराधा। प्रातः 6 बजकर 10 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 5 बजकर 48 मीनट तक ।
21-4-2025 सोमश्रवण। दोपहर 12 बजकर 40 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 6 बजे तक ।
मई माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
14-5 2025 बुधानुराधा। प्रातः 5 बजकर 45 मिनट से सुबह 11 बजकर 43 मिनट तक ।
19-5-2025 सोमश्रवण। प्रातः 5 बजकर 43 मिनट से सांयकाल 7 बजकर 30 मीनट तक।
23-5-2025 शुक्ररेवति। सांयकाल 4 बजकर 3 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 5 बजकर 41 मीनट तक ।
जून माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
20-6-2025 शुक्ररेवति। प्रातः ५/३९ से २१/४६ 5 बजकर 39 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 5 बजकर 46 मीनट तक
जुलाई माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
24-7-2025 गुरुपुष्यामृत। सांयकाल 4 बजकर 42 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 5 बजकर 53 मीनट तक।
अगस्त माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
16 – 8 – 2025 शनिरोहिणी रात्रि बाद प्रातः 4 बजकर 36 मिनट से रात्रि बाद ( प्रातः 6 बजकर 5 मीनट तक।
21-8-2025 गुरुपुष्यामृत। प्रातः 6 बजकर 7 मिनट से रात्रि 12 बजकर 6 मीनट तक ।
सितंबर माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
13 – 9 – 2025 शनिरोहिणी। सुबह 10 बजकर 9 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 6 बजकर 19 मीनट तक।
18-9-2025 गुरुपुष्यामृत। प्रातः 6 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 28 मिनट तक ।
अक्टूबर माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
7-10-2025 भौमाऽश्विनि। रात्रि 12 बजकर 28 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 6 बजकर 30 मीनट तक।
11 -10 -2025 शनिरोहिणी। प्रातः 6 बजकर 32 मिनट से दोपहर 3 बजकर 18 मीनट तक।
19 -10 – 2025 रविहस्त। सांयकाल 5 बजकर 51 से रात्रि बाद प्रातः 6 बजकर 35 मीनट तक।
नवंबर माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
4-11-2025 भौमाऽश्विनि। दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 30 : 48 रात्रि बाद प्रातः 6 बजकर 48 मीनट तक।
16-11-2025 रविहस्त प्रातः 6 बजकर 56 मिनट से रात्रि 2 बजकर 11 मीनट तक।
दिसंबर माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
2-12-2025 भौमाऽश्विनि प्रातः 7 बजकर 9 मिनट से रात्रि 8 बजकर 52मीनट तक।
14-12-2025 रविहस्त। प्रातः 7 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक ।
17-12-2025 बुधानुराधा सांयकाल 5 बजकर 11 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 7 बजकर 19 मीनट तक।
22–12 2025 सोमश्रवण रात्रि बाद प्रातः 5 बजकर 29 मिनट से प्रातः 7 बजकर 22 मीनट तक ।
जनवरी 2026माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
14-1-2026 बुधानुराधा प्रातः 7 बजकर 27 मिनट से रात्रि 3 बजकर 4 मीनट तक।
19-1-2026 सोमश्रवण। दोपहर 11 बजकर 49 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 7 बजकर 26 मीनट तक।
फरवरी 2026 माह में आने वाले अमृत सिद्धि योग।
11-2-2026 बुध अनुराधा प्रातः 7 बजकर 15 मिनट से 10 बजकर 52 मिनट तक ।
16 -2-2026 सोम श्रवण प्रातः 7 बजकर 11 मिनट से रात्रि 8 बजकर 44 मीनट तक।
20-2-2026 शुक्र रेवती रात्रि 20 बजकर 8 मिनट से रात्रि बाद प्रातः 7 बजकर 6 मीनट तक।