मूर्ति कि प्राण-प्रतिष्ठा एवं स्थापना मुहूर्त का प्रयोजन है जब देव भवन बनकर तैयार हो जाता है तब उसके गर्भ गृह में तथा अन्य स्थानों पर मुर्तियां स्थापित कि जाती है और प्रतिमा स्थापित करने से पहले उसकि प्राण प्रतिष्ठा कि जाती है इस क्रिया के लिए विशेष मुहूर्त का प्रावधान है।
- भूमि शयन अवस्था विचार:-
- मास विचार :-
- चन्द्रमा विचार :- मूर्ति कि प्राण-प्रतिष्ठा मुहूर्त के समय देवता एवं यजमान के नाम राशि से गिनने पर चंद्रमा चौथा, छठा, आंठवा, बारहवां नहीं होना चाहिए।
- लग्न शुद्धि :-
- वार विचार :-
- तिथि विचार :-
- भद्रा विचार :-
- ग्रह अस्तोदय विचार :-

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